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नाईजीरिया के युवक-युवतियों ने बना रखी है गैंग
अन्तरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य किंग्सले को सायबर सेल ने किया गिरफ्तार
इन्दौर. शहर फर्नीचर व्यापारी से उगाही कर लाखों रूपये ठगने वाले अन्तरराष्ट्रीय गिरोह के नाईजीरियाई सदस्य किंग्सले को सायबर सेल इन्दौर ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने पूछताछ में कई खुलासे किए. आरोपी का वीजा भी एक्सपायर हो चुका था. उनसे वहां के कई युवक-युवतियों के साथ मिलकर गैंग बना रखी है जो लोगों को ठगते हैं और हवाला के जरिए पैसा नाइजीरिया भेजते हैं. इसका मुखिया फरार हो गया है.
पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल इन्दौर जितेन्द्र सिहं ने बताया कि जनवरी माह में इन्दौर के प्रतिष्ठित फर्नीचर व्यवसायी को कारोबार के सिललिले मे दिल्ली स्थित अपने फ्लैट पर बुलाकर फिर ब्लैकमेल करने का काम करने वाली तंजानियाई महिला साऊमू उर्फ ग्लोरी को गिरफ्तार किया गया था. ग्लोरी द्धारा उगाही कर मांगे गए पैसे अलग अलग खातों मे डाले गए थे. उसी मे से एक खाता रीता काटजू का था। रीता काटजू एक प्रतिष्ठित परिवार की महिला होकर इंडियन एयर लाइंस मे कार्यरत रही है। उक्त खाते का एटीएम किंग्सले ने रीटा काटजू से प्राप्त कर उसमें फ्रांड का पैसा डलवाना शुरू किया. इस तरह से किंग्सले ने उस खाते मे 16 लाख रूपये फरवरी से अप्रैल माह के बीच डलवाए। उक्त रकम एटीएम से समय- समय पर किंग्सले द्धारा निकाली गई और अपना हिस्सा रखकर हवाला के माध्यम से वह पैसा गिरोह के सरगना ओबीजी को नाइजीरिया भेजा गया. किंग्सले इस तरह के और भी भारतीय व्यक्तियो के खातों का इस्तेमाल कर रहा है. इसकी जानकारी राज्य सायबर सेल इन्दौर के हाथ लगी है. कार्रवाई करते हुए सायरबर सेल ने आरोपी किंगस्ले चीबूएजे (38)निवासी नाइजीरिय हाल मुकाम सरीता विहार दिल्ली को गिरफ्तार किया.
अन्य लोगों को भी उपलब्ध करा रहा था खाते
किंग्सले ने पूछताछ मे यह भी बताया कि ग्लोरी एवं इंटरनेट के माध्यम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर चीटिंग कर रहे अन्य अफ्रीकी मूल जिसमें नाईजीरियाई, तंजानिया के नाम प्रमुख है, उनको फर्जी खाते उपलब्ध कराने का काम वह सक्रिय रूप मे कमीशन पर कर रहा था.
लगातार बदलता है घर
उसका यह भी कहना है कि वह लगातार अपना घर बदलता रहता है, चूकि उसकी वीजा समाप्त हो चुका है। वह दिल्ली मे छतरपुर, सरिता विहार, बंसत कुंज, ग्रेटरनोयडा एरिया मे भी रह रहा है। नाइजीरिया दूतावास को किंग्सले के गिरफ्तार किए जाने की सूचना दी जा रही है, साथ ही एफआरआरओ में भी जानकारी उसके पासपोर्ट आदि के बारे मे ली जाएगी. ग्लोरी के संबंध में एफआरआरओ से जानकारी प्राप्त हुई है कि वह 2016 मे भारत आई थी. राज्य सायबर सेल के जिस दल ने दिल्ली में योजनाबद्ध तरीके से रीता काटजू से फोन करवाकर रेस्टोरेंट में मिलने किंग्सले को बुलाया और उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया उसमें, उप निरीक्षक विनोद सिहं राठौर, प्र. आरक्षक रामप्रकाश बाजपेई शामिल थे. रीटा काटजू इंडियन एयर लाइंस की कर्मचारी रही है. आरोपी ने रीटा काटजू के खाते को उपयोग कर दो माह में उसमें फ्राड के 16 लाख रूपये डलवाए थे.
कई युवक-युवतियां है गैंग में
पूछताछ में पता चला कि किंग्सले वर्ष 2011 मे 3 माह के बिजनेस वीसा पर भारत आया था. वीजा एक्सपायर होने के बाद इंटरनेट फ्राड एवं चीटिंग के धंधे में उतर गया, इसके कई साथी जांव फ्राड, मैट्रीमोनियल फ्रांड, लांटरी फ्रांड जैसे आंन लाइन चीटिंग के धंधे में लिप्त है. गिरोह का सरगना ओबी•ाी नाइजीरिया भाग गया है.
ओबी•ाी को हवाला के माध्यम से दिल्ली के आईएनए मार्केट स्थित हवाला ऑपरेटर के जरिये आरोपी हर महीने पैसा भेजता है. किंग्सले का कहना है बडी संख्या में अवैध रूप से वीजा एक्सपायर हुए अफ्रीकी लडको ने गैंग बना रखी है. उक्त युवक युवतिया आँन लाइन फ्रांड, मादक द्रव्यो की तस्करी, देह व्यापार आदि में लिप्त हो रहे है.


